- 8 साल बाद जेष्ठ में अधिकमास का दुर्लभ संयोग: 17 मई से 15 जून तक रहेंगे मांगलिक कार्य बंद, धार्मिक साधना, दान-पुण्य और तीर्थ के लिए श्रेष्ठ समय
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: स्वस्ति वाचन के बाद खुले पट, पंचामृत से अभिषेक; शेषनाग मुकुट में दिए भगवान ने दर्शन
- महाकाल मंदिर में गुरुवार को दो राज्यों के मंत्री पहुंचे: भस्म आरती में गोवा के कैबिनेट मंत्री, दद्योदक आरती में दिल्ली के गृह मंत्री ने किए दर्शन
- फूलों की खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी: CM ने उज्जैन में फ्लोरीकल्चर सेंटर बनाने का किया ऐलान, बोले- कम जमीन में ज्यादा आय का माध्यम बनेंगी उद्यानिकी फसलें
- महाकाल मंदिर में नई सुविधा: अन्न क्षेत्र में अब ऑनलाइन होगा दान, वेबसाइट के जरिए कहीं से भी कर सकेंगे दान
महापौर बोलीं- पूजन सामग्री से शिप्रा में गंदगी, याचिकाकर्ता ने कहा- पानी पी कर बताएं
उज्जैन। शहर के 11 नालों का पानी मिलने से दूषित हो रही शिप्रा के मामले में इंदौर हाईकोर्ट की डबल बैंच में अवमानना याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। महापौर मीना जोनवाल की ओर से शपथ पत्र देकर जवाब पेश किया कि शिप्रा में लोग पूजन सामग्री डालते हैं, इस वजह से नदी में गंदगी हो रही है। याचिकाकर्ता मंथन पारमार्थिक संस्था के अध्यक्ष बाकीर अली रंगवाला ने कोर्ट में कहा जो लोग पूजन सामग्री से शिप्रा को गंदा होना बता रहे हैं वे नदी से एक बॉटल पानी लेकर उसे पीकर बताएं, मैं याचिका वापस ले लूंगा। याचिकाकर्ता ने प्रमाण देकर कहा शिप्रा में गंदे नाले मिल रहे हैं। महापौर ने शपथ पत्र कोर्ट द्वारा मांगे गए जवाब में दिया।
120 पेज की रिपोर्ट जिसमें बताया शिप्रा नालों की वजह से मैली: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नालों का पानी नदी में मिलने की 120 पेज की रिपोर्ट न्यायालय में पेश की। जिसमें स्पष्ट किया है कि शहर के 11 नालों का गंदा पानी व इंदौर रोड पर राघोपिपल्या में खान का पानी शिप्रा मिलने से शिप्रा मैली हो रही है।